समस्तीपुर: जिले के विद्यापतिनगर थाना क्षेत्र में 5 फरवरी 2026 को एक भयावह और सनसनीखेज मामला सामने आया, जब ग्गप्रम-मऊ धनेशपुर उत्तर रेलवे ट्रैक डाउन लाइन नं0-203/27 के पास एक नवजात शिशु और महिला का शव पड़ा होने की सूचना मिली। घटना की जानकारी मिलते ही विद्यापतिनगर थाना की पुलिस तुरंत घटनास्थल पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर अंतिम परीक्षण हेतु भेजा। शव की पहचान न हो पाने के कारण चौ0-1/11 जिवछ पासवान के आवेदन पर विद्यापतिनगर थाना कांड सं0-37/26 दिनांक 06.02.26 के तहत धारा-103(1)/238 बीएनएस के तहत मामला दर्ज किया गया।
जांच के लिए अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, दलसिंहसराय श्री विवेक कुमार शर्मा के निर्देशन में एसआईटी का गठन किया गया। इसमें पुअनि सुरज कुमार, थानाध्यक्ष विद्यापतिनगर तथा तकनीकी शाखा के कर्मी शामिल हुए। एसआईटी ने घटनास्थल पर सूक्ष्म तकनीकी अनुसंधान और विस्तारपूर्ण जांच के आधार पर मामले का उद्भेदन किया।
जांच में मृतकों की पहचान की गई। मृतिका कंचन कुमारी पत्नी सोमनाथ सुमन एवं मृतक नवजात आर्यन कुमार (6 माह) पुत्र सोमनाथ सुमन, दोनों मऊ धनेशपुर दक्षिण निवासी थे। जांच के दौरान घटना में शामिल मृतिका के बहनोई चंदन कुमार (पता-कैलाश महतो, मऊ धनेशपुर दक्षिण, कुशवाहा टोल) को गिरफ्तार किया गया और स्वीकारोक्ति बयान दर्ज किया गया। घटना में प्रयुक्त मोटरसाइकिल और एक मोबाइल फोन बरामद किए गए। एसआईटी ने बताया कि अन्य अभियुक्तों की गिरफ्तारी के लिए व्यापक छापेमारी अभियान चलाया जा रहा है।
गिरफ्तारी: आवेदन पदाधिकारी चंदन कुमार, पता-कैलाश महतो, मऊ धनेशपुर दक्षिण, कुशवाहा टोल, थाना विद्यापतिनगर, जिला समस्तीपुर।
बरामदगी: 1. घटना में प्रयुक्त मोटरसाइकिल 2. एक मोबाइल फोन
छापेमारी दल: 1. पुअनि सुरज कुमार, प्रभारी, विद्यापतिनगर थाना 2. पु0अ0नि0 अमृता कुमारी, थाना विद्यापतिनगर 3. पु0नि0 शक्ति कुमार, थाना विद्यापतिनगर 4. तकनीकी शाखा के पदाधिकारी/कर्मी, समस्तीपुर
एसआईटी ने बताया कि गिरफ्तारी और घटनास्थल के सबूतों के आधार पर अपराध की गंभीरता का पता लगाया गया है। आरोपी चंदन कुमार का अपराधिक इतिहास भी खंगाला जा रहा है। पुलिस प्रशासन ने जनता से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध सूचना, संदिग्ध व्यक्ति या गतिविधि की सूचना तुरंत थाना विद्यापतिनगर या अपने नजदीकी पुलिस स्टेशन को दें।
यह घटना समस्तीपुर जिले में कानून व्यवस्था और सुरक्षा के लिहाज से गंभीर मानी जा रही है। जिला प्रशासन और पुलिस टीम लगातार घटनास्थल और संबंधित क्षेत्रों में गहन जांच कर रही है। घटनास्थल पर बरामद सामान, मोटरसाइकिल और मोबाइल फोन की जांच से यह संकेत मिल रहे हैं कि अपराध की साजिश में अन्य लोग भी शामिल हो सकते हैं। गिरफ्तार अभियुक्त की स्वीकारोक्ति और तकनीकी अनुसंधान से मामले के अन्य पहलुओं की भी जानकारी मिली है।
पुलिस के अनुसार, इस मामले में अभी भी अन्य संदिग्धों की पहचान और गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं। एसआईटी ने स्थानीय लोगों से अपील की है कि किसी भी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस को दें ताकि आगे की कार्रवाई तेजी से की जा सके।
समस्तीपुर पुलिस की यह कार्रवाई जिले में कानून व्यवस्था को मजबूत करने और अपराधियों के खिलाफ सख्त संदेश देने के लिए मील का पत्थर साबित हो सकती है। घटनास्थल, बरामद सामग्री, गिरफ्तार आरोपी और जांच दल की सक्रियता से स्पष्ट है कि पुलिस प्रशासन ने इस मामले को गंभीरता से लिया है और जल्द ही पूरे मामले का उद्भेदन कर सभी दोषियों को कड़ी सजा दिलाने के लिए कार्रवाई जारी रखेगी।